मेरी गांड और चूत फट गयी-2


hindi chudai ki kahani उसके बाद मेने गर्म पानी से शावर लिया. मे जब बाहर आई तो देखा की वीरन वापिस आ गया है और टीवी देख रहा है. हमारे घर मे सब के पास मैं दरवाजे की एक्सट्रा चाबी हैं. मेने उस समय सिर्फ़ टावल लपेटा हुवा था. वीरन ने मुझे अपने पास बुलाया. मे उस से आँख नही मिला पा रही थी. उसने मुझे अपने पास सोफे पर बेठने को कहा और उसने टीवी पर कुछ लगाया जिसे देख कर मे शक मे आ गयी. मूवी मेरी ही चुदाई की थी. फिर वीरन ने मुझे बोला की अगर मेने किसी को बताने की कोशिश की तो ये मूवी पिताजी को दिखा दूंगा और बोलूगा की तुम अपनी मर्ज़ी से मुझ से चुदी हो… ये सुनकर मे डर गयी. और उसने कहा की जब तक घरवाले वापस नही आ जाते तू नंगी ही रहेगी… अगर मुझे तेरे बदन पर एक भी कपडा नज़र आया तो तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा…

फिर उसने मेरे बदन से टावल खींच कर मुझे नंगा कर दिया. उसने मुझसे खाना भी नंगा ही बनवाया. खाना खाने से पहले उसने अपना लंड मेरे मुहं मे डाल दिया और झटके मारने लगा और जब वो झड़ने वाला था तो उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और अपना वीर्य मेरे खाने पर गिरा दिया और बोला चल रंडी इसे खा जा.. मुझे खाना पड़ा. रात के 8 बज चुके थे उसने मुझे बेड पर जाने को कहा, मे समझ गयी और चुप चाप चली गयी. थोड़ी देर बाद वो आया और उसने अपने लंड पर तेल लगाया और मुझे कुत्तिया की तरह बनने को कहा. मे डर के मारे उसकी हर बात मान रही थी. फिर उसने पीछे से मेरी चूत पर अपना लंड टिका दिया और आहिस्ता2 अंदर डालने लगा. अब मुझे और दर्द होने लगा और मे आआआआः ऊऊऊऊः ईईईईईईईईई करने लगी. अभी उसका लंड तोडा ही अंदर गया था की उसने एक ज़ोर का झटका मारा और उसका लंड पूरा अंदर चल गया. मेरी बहुत ज़ोर की चीख निकली. वो हँसने लगा और कहा की चिल्लाती क्यूँ है अब तो तू रंडी बन गयी है… फिर वो थोड़ी देर बाद तेज़ झटके मारने लगा. कुछ देर बाद मुझे अपनी चुदाई का मज़ा आने लगा और मे झड़ गयी. ये देख कर वो बोलने लगा की हरामी तू भी मज़े ले रही है.. ! अब मे अपनी गांड पीछे कर के उसका साथ देने लगी।

अभी ये सब चल ही रहा था की अचानक अरुण आ गया. ये देख कर मे और वीरन डर गये क्युकी अरुण को तो 1 महीने के बाद आना था. वीरन ने मेरी चूत से अपना लंड निकाल लिया. अरुण गुस्से मे बोला की भैया ये आप क्या कर रहे हैं? वीरन कुछ नही बोला तो अरुण ने उस से कहा की भैया इस रंडी को तो मुझे चोदना था! ये सुन कर मे हेरान रह गयी और मुझे अपने कान पर यक़ीन नही आया. अरुण की बात सुन कर वीरन हंस पड़ा और कहा की मेने अभी तक इस रंडी की गांड नही मारी.. तो अरुण ने कहा की चलो इसकी गांड चोडी करते हें… अरुण ने बताया की मे मम्मी और पिताजी से एग्जाम का बहाना कर के आया था. ताकि मे इसको चोद सकू लेकिन भैया आपने इसे मुझसे पहले ही चोद दिया. मे बेड पर लेटी उन दोनो की बाते सुन रही थी. तब अरुण ने जल्दी से अपने कपडे उतार दिए. मे देख कर हेरान रह गयी की उसका लंड तो वीरन से भी बड़ा था. अरुण ने अपना लंड मेरे मुहं के सामने रखा और बोला की चल इसे चूस… मेने अरुण से कहा की अरुण भैया ऐसा ना करो तो उसने मुझे ज़ोर से एक थप्पड़ मारा और कहा की भैया का लंड तो बड़े मझे से अपनी चूत मे ले रही थी.. मुझे अपना मुहं खोलना ही पड़ा।

थोड़ी देर अपने लंड से मेरे मुहं मे झटके मारने के बाद अरुण ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मुझे उल्टा करके मेरे पेट के नीचे एक गोल तकिया रख दिया. उतने मे वीरन तेल ले आया और मेरी गांड पेट पर तेल लगाने के बाद अरुण से बोला की फाड़ दे इस कुत्तिया की गांड!!! अरुण ने जोर ज़ोर से झटके मार कर थोड़ी ही देर मे अपना पूरा लंड मेरी गांड मे घुसा दिया और थोरी देर के लिए रुक गया. मे जोर ज़ोर से चिल्लाने लगी और कहा की तुम दोनो भाइयों ने मेरा सत्यानाश कर दिया आआआआआः ऊऊऊवई हाआआआआआआआई.. मे मर गयी निकालो इसे बहनचोद…!!!! वो दोनो मेरी हालत पर हसने लगे और कहा की यह जगह लंड निकालने की नही घुसेड़ने की जगह होती है और मेरा लंड जब ही निकलेगा जब तेरी गांड पूरी तरहा से फट जाएगी !!!

अरुण ने वीरन को कहा की ये कुत्तिया तो चिल्लाती रहेगी तो रग़ड डाल इसकी गांड को…बिल्कुल रहम ना कर… अरुण ने जी भय्या कह कर मेरी गांड मे चक्की चला दी और मेरी गांड मारना शुरू कर दिया और जब तक करता रहा जब तक उसे विश्वास ना हो गया की मेरी गांड फट गयी है. फिर उसने मेरी गांड से अपना लंड निकाला और अरुण ने मुझे सीधा करके अपना लंड मेरे मुहं के सामने कर दिया और बोला की चल चूस इसे. मेने मना किया तो पीछे से वीरन ने मेरी चूत पर खींच के लात मारी जिससे मे बलबला उठी और दर्द से तडपने लगी. अरुण ने मेरे होंठो पर अपना लंड चिपकाया तो अब की बार मेने चुपचाप अपना मुहं खोल दिया और उसका लंड चूसने लगी ।

इसके बाद उन दोनो ने एक एक बार फिर से मेरी चूत को ठोका और हम सो गये. उसके बाद जब तक पिताजी और माँ नही आ गये उंन दोनो ने जम कर मेरी चुदाई की. जिस दिन पिताजी और माँ ने आना था उस पूरे दिन उंन दोनो ने मेरी बारी बारी गांड फाड़ी और आख़िर मे आईने में से मुझे मेरी गांड दिखाई।
मेरी गांड का सूराख बुरी तरह से सूजा हुवा था और उभर कर बहुत चौड़ा हो गया था और उठते बैठते बहुत दर्द कर रहा. पिताजी और माँ के आने के बाद भी उन्हे जब भी मोक़ा मिलता वो मुझे चोद देते और मे कुछ भी नही कर सकती थी क्युकी अब तक उन्होंने मेरी बहुत सारी वीडियो बना ली थी. उम्मीद है आप लोगों को मेरी कहानी पसंद आई होगी।

Updated: April 25, 2019 — 9:38 pm
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